CG Kavita Wah Re Mor Chhattisgarh Ke Yuva Naujavan
वाह रे मोर छत्तीसगढ के ….
एक रूपिया किलो म चाऊर मिलथे उही ल खाके जीना हे
एक दिन चाऊर बर कमाना हे त बाकी ल कूद कूद के पीना हे
जवानी के राहत ले कूद कूद के घूमना हे॥
डोकरा हो जाबो त का हे निराशी तो मिलना हे
घर म नई हे खाये बर दाना दारू बर चाऊर ल बेचत हे ॥
दारू ल पिके ओहा डऊकी लईका ल पिटत हे
वाह रे मोर छत्तीसगढ के नव- युवा लइका
काम बुता करना नई हे बीत्ता भर के जबान
जय श्री राम
संगवारी मन ला हमर यह लिखे गए पोस्ट ह कैसे लगीस कमेंट के माध्यम से जरूर बताहू औउ एला दूसर के संग शेयर करेला भुलाहु मत.
आप मन एला व्हाट्सएप औउ फेसबुक टि्वटर या टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया म शेयर कर सकत हव,
जेकर से यह छत्तीसगढ़ के कोना-कोना म पहुंच सके,अउ सब्बोजन एकर पढ़ के आनंद ले सके.



Post a Comment
0Comments